Thursday, April 29, 2010

I just joined and will come back with some good thoughts...

2 comments:

  1. ये तेज़ दौड़ती गाड़ियां.... ये भागता इंसान .... हम सब ऐसी ज़िंदगी जी रहे हैं जहां एक पल भी अपने लिए खाली नही....
    कभी आपने एक पल रुक कर सकून के साथ ये जानने की कोशिश की है कि आपकी ज़िंदगी का मकसद क्या है.... क्या आपने कभी ये सोचने की कोशिश की है कि आप जो ज़िदगी जी रहे है, ये वही है जिसकी आपने कल्पना की थी...., ‘’नही’’....
    हम में से कई लोगो का जवाब यही होगा ‘’नही’’

    हमारे जीवन में अक्सर ऐसा होता है ...जो हम सोचते हैं वो कर नही पाते ... वो पा भी नही पाते ...
    लेकिन क्यो .... क्यो हम परिस्थितियों के गुलाम हो जाते है .... क्यों हम गलत सोच को अपने ही जीवन पर हावी होने देते हैं....
    कभी जानने की कोशिश की है आपने.... ???

    अगर हम अपने मन को टटोलें तो हमें अपने अंतर्मन में विचारों का जाल सा महसूस होगा ... हमारे विचार ही हैं जो हमारे जीवन को बनाते या बिगाड़ते हैं... हमें ख्याल रखना होगा कि हमारे सही thoughts और सही सोच ही हैं जो हमारी ज़िदगी को खुशहाल बना सकती हैं ....

    जीवन में खुशी का मूल मंत्र है सही विचारों को अपनी जिदंगी में शामिल करना...... आज इंसान दूसरों से प्यार पाने की कोशिश करता है.... अपनी ज़िदंगी की खुशी बाहर ढूढता है... लेकिन वही अगर हम अपने मन में झांके और खुद को देखने के भाव में आकर... खुद से प्यार करने लगें, तो शायद तो हम ज़िदगी में और भी खुशी महसूस करने लगेंगे....

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  2. परिचय खुद से...

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