यह एक लेख है जो मैंने न्यू इंडिया मैगज़ीन के लिए लिखा था
इंटरव्यू : ये अंदर कि बात है !
Intro
इंटरव्यू एक ऐसा शब्द जिससे सबका सामना होता है एडमिशन से लेकर नौकरी तक बार - बार इंटरव्यू देना वक्त कि जरूरत बन गई है. मज़ेदार बात ये है कि इंटरव्यू देने वाला हर व्यक्ति इससे डरता है ,कोई कम तो कोई ज्यादा. इस जरूरत को समझने और इस से गुजर कर अपनी मनचाही मंजिल पाने के लिए, हम आपको दे रहे हैं कुछ ख़ास टिप्स अपनी इस रिपोर्ट के माध्यम से.
Story start
आज हमारे देश में बेरोजगारी की समस्या लगातार बदती जा रही है. अक्टूबर 2012 से मई 2013 में भारतीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों में एक सर्वे करवाया, जिसकी रिपोर्ट बताती है कि 15 से 21 आयु वर्ग के हर 1000 व्यक्तियों में से 133 लोग बेरोजगार हैं. इस तरह 13.3 प्रतिशत की दर से बदती बेरोजगारी हमारे देश के लिए एक बड़ी समस्या है. अब इस आंकड़े में चौंका देने वाली बात यह है की इस बेरोजगारी की संख्या में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो अपनी योगयता अनुसार काम ही नहीं कर रहे है और वो यह तक नहीं जानते की उनके लिए सही करियर क्या है . वहीं प्राइवेट कंपनियों और सरकारी विभाग मैं योग्य कर्मचारिओं का अभाव है. सही पद के लिए सही उम्मीदवार को खोजना भी कड़ी मशक्कत का काम है. ये सही है कि आज जॉब मिलना कठिन हो गया है लेकिन इस बात को भी समझना होगा की सही और योग्य आवेदकों को भी अवसर की कमी कभी नहीं है. हर कंपनी मेहनती और योग्य कर्मचारी चाहती है. इसके लिए वो पर्याप्त पैसा देने में भी नहीं हिचकती. नॉएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी के साथ बतौर सीनियर मैनेजर काम कर रही अपराजिता बताती हैं कि "कम्पनी में बहुत सारे व्यय होते हैं पर सबसे अहम व्यय उसके कर्मचारिओं पर होता है, तो किसी भी कंपनी के लिए एक अच्छा इंटरव्यू ही एक योग्य एम्प्लोयी के चुनाव में मदद कर सकता है.
अब एक तरफ तो इंटरव्यू लेने वालों के लिए इसकी सही प्लानिंग का होने ज़रूरी तो वहीँ दूसरी ओर इंटरव्यू देने वालों के लिए तो यह उससे भी बड़ी समस्या की तरह सामने आता है. आज के इस दौर में इंटरव्यू के स्त्तर अलग -अलग हैं. इंटरव्यू की तैयारी से पहले सही दिशा निर्देश की जरूरत सभी को होती है. इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी तैयारी भी उतनी शिद्द्त से करें जितनी शिद्द्त हम नौकरी करना चाहते हैं. नौकरी के आवेदन से पहले याद रखे कि इंटरव्यू की मदद से आपको बार बार खुद में बदलाव और सुधार का मौका मिलता है . अगर हम नकारात्मक सोच रखते हैं तो क्रोध आता है अगर इस क्रोध को खुद से दूर कर दें तो परिणाम सकारात्मक ही आते हैं.
निराश न हों यदि आप असफलता का सही विश्लेषण नहीं करेंगे और उसे चुनौती कि तरह नहीं लेंगे तो अगले इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे. बेंजमिन फ्रेंकलीन ने कहा भी है कि " मूर्खता की परिभाषा है कि आप एक काम एक ही तरह से बार बार करे और अलग अलग परिणाम कि आशा करें" .
यह तो साफ है कि आपको यह देखना है कि कहीं आप अलग अलग प्रोफाइल्स पर तो अप्लाई नही कर रहे हैं क्योंकि ऐसा करने से आप कि तरक्की धीमी रहेगी इसलिए ज़रूरी है कि आप एक तरह के कैरियर पर ही फोकस करें. इस बात का ख़याल रखें कि जिस प्रोफाइल के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं उसके लिए आप पूरी तरह तैयार हैं। आजकल लगभग सभी कम्पनीज कि डिटेल्स इंटरनेट से आसानी से मिल जाती है तो कंपनी के बारे में ठीक से जान लें कंपनी के आर्थिक स्त्रोत, आय व्यय की भी जानकारी फायदेमंद होगी. यह जानकारी आप के अंदर आत्मविश्वास भर देगी और कंपनी सम्बन्धी प्रश्नो के उत्तर देने में आपको काफी आसानी होगी. अपने बेहतरीन कर्मी में कंपनी क्या चाहती है इसका एक खाका खींच ले और खुद को उसमें फिट करने का प्रयास करें.
इन बातों का रखें ख्याल
1 आपको अपनी मार्केटिंग खुद करनी है.
2 अलग-अलग तरह के जॉब में एक साथ आवेदन न करें.
3 सीमित और फोकस रहे.
4 कंपनी और खुद को रिलेट करें.
5 कंपनी को जाने और उसकी कार्य शैली आदि कि जानकारी इंटरनेट से लें
" हम इंटरव्य़ू में अपने बारे में जितना जानते है उतना तो इंटरव्य़ू लेने वाला भी नहीं जान पाता"
- विलियम शेटनर , प्रसिद्ध फिल्मकार
इंटरव्यू में आपकी प्रेजेंटेशन बहुत ही एहम भूमिका निभाती है. यह तो स्वाभाविक है कि आपका बोलने का ढंग, कपड़े पहनाने के तरीका या आपकी बॉडी लैंग्वेज आपको पेश करती है.
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अब जैसे कि आज के इंटरनेट के दौर में युवा कागज़ का महत्त्व कम समझते हैं और अपनी उपलब्धियों ,योगयताओ तथा डिग्री को सही तरीके से नहीं रखते, जिसकी वजह से बहुत बार आप इंटरव्यू में असफल हो जाते हैं. इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप इन जरूरी कागजो को ठीक तरीके से पेश करें. ज्यादा फ़ाइल न रखें और अव्यवस्थित बैग लेकर ना जाएँ.
आपके रिज्यूमे का अच्छा और सपष्ट होना बहुत ज़रूरी है. आपका बायो डाटा आपका पूरा चिटठा INTERVIEWER के सामने रख देता है. इसलिए ज़रूरी है की आप अपना बायो डाटा को किसी अनुभवी व्यक्ति के साथ बैठकर बनाएं. साथ साथ किसी अनुभवी व्यक्ति का रिफरेन्स भी कईं इंटरव्यूज में काफी मदद करता है. अपने सभी सर्टिफिकेट्स की एक सलीकेदार फाइल अलग से बनाएं. आपकी फाइल में एक पेन भी उतना ही आवश्यक है जितना कोई और दस्तावेज. अगर आपने किसी विज्ञापन के ज़रिये आवेदन किया है, तो उस विज्ञापन में बताया गया हर डॉक्यूमेंट और इंटरव्यू लैटर को रखना न भूलें .
ये कागज़ बड़े काम के..
# अपना रिज्यूमे अपडेट रखें और दो तीन कॉपी साथ ले जाएँ
# रिफरेन्स हेतु कुछ जानकार तथा वरिष्ट सहकर्मीयों के रिफरेन्स लेटर साथ रखें
# मार्कशीट अनुभव प्रमाणपत्र और उपलब्धियों से जुड़े प्रमाणपत्रों को साथ रखना न भूलें
# इंटरव्यू लैटर साथ लाएं
# सभी कागज सही क्रम मैं सलीके से रखे
# अपना पेन साथ ले जाएँ
कभी कभी अभ्यास भी हमारे प्रदर्शन मे काफी सुधार ले आता है तो क्यूँ न इसे भी अपना लिया जाए. इस के जरिये हम अपनी कमियों और खूबियों को समझ कर खुद में सुधार कर सकते है। तो क्यों न हम अपने बड़ों या फील्ड मे काम करने वालों की सहायता से मॉक इंटरव्यू का अभ्यास करें. इन्टरनेट की सहायता से कुछ प्रश्नो की सूचि बनाकर उनके उत्तर बनाएं और किसी जानकार की सहायता से यह प्रैक्टिस कर लें. ऐसी प्रैक्टिस शीशे के सामने भी कर सकते हैं.
प्रश्न जो अकसर पूछे जाते हैं -
1. आपकी पृष्ट भूमि क्या है
2. शिक्षा और कार्य अनुभव
3. जॉब सम्बन्धी आपकी जानकारी क्या है, पद, कंपनी और क्षेत्र सम्बन्धी जानकारी आदि.
4. आपका व्यक्तित्व - कार्यशैली, तथा सामाजिक चरित्र
5. आपका कार्यकौशल कैसा है यानी आपकी क्षमता से जुदा सवाल जैसे की शिफ्ट ड्यूटी वगैरह
6. भविष्य को लेकर आपकी योजनाएं, प्रेरणा और महत्वाकांक्षा. जैसी कि अब से 5 साल बाद आप अपने आपको किस पोजीशन में देखते हैं.
इन्ही सभी बातो को ध्यान में रखकर प्रश्न पूछे जा सकते हैं और आपके बारे मैं धरना बनाई जाती है कि आप किस प्रकार कंपनी के विकास मैं सहयोग कर सकते हैं। आप टीम वर्कर हैं या नहीं आप का कार्य कौशल कैसा है आदि
पुरानी कंपनी और बॉस कि बुराई !!!! ना ना
इंटरव्यू के दौरान कुछ अलग तरह के सवाल भी पूछे जा सकते है. कुछ ऐसे सवाल जिस से आप की हार्ड-डिस्कशन भी हो सकती है. लेकिन इस बात का ख़याल रकें की इंटरव्यू की समय सीमा की वजह से शायद आप को अपनी पूरी बात रखने का मौका न मिले तो बेहतर होगा की आप किसी तरह की बहस में न पड़ें. अक्सर शक्शात्कार कर्ता आपकी पुरानी कंपनी के बारे में भी कुछ सवाल आप से पूछ बैठता है. ऐसे में बिलकुल ख़याल रखें की अपने पुराने बॉस और कंपनी के बारे में कुछ गलत न बोले. इंटरव्यू लेने वाला स्व्यं को उस स्थिति मे कभी नहीं देखना चाहेगा। वैसे भी इससे आप कि अव्यवहारिकता ही छलकेगी.
अपना मनोबल और आत्मविश्वास बनाये रखें. इसकी पहली शर्त है तैयारी, जरूरी है कि हम हार से डरे नहीं, हार को छुपाने में अपनी ताकत व्यर्थ ना करे, बल्कि हार से सीखे और अगली चुनौती के लिए आगे बढे . हारना बुरा नहीं है क्यूंकि यदि आप हारेंगे नहीं तो बढ़ेंगे भी नहीं. ईमानदारी से सवालों का जवाब देना आपके हित में होता है. आज का दौर बदल रहा है. कम्पनी काम के माहौल को बढ़िया बनाने और टीम वर्क को बढ़ावा देने के लिए सच्चे और समर्पित कर्मियों को ही चाहती हैं. झूठ और धोखे से अगर आप नोकरी पा भी लेते हैं तो जल्दी ही क्रॉसचेक से राज खुल भी जाएगा.
नॉएडा की एक नामी बहुराष्ट्रीय कम्पनी में एच आर मैनेजर कात्यायनी दीक्षित बताती हैं कि " हम इंटरव्यू में रिज्यूमे में नौकरी के दौरान आये अंतराल पर जरूर सवाल पूछते हैं और हम सही जवाब भी सुनना चाहते हैं सम्भव है की पारिवारिक जिम्मेदारी या बीमारी कि वजह से ऐसा हुआ हो और सही बात बतानी जरूरी है. हम भी समझते हैं कि ऐसा हो सकता है इमानदार जवाब ही हमारी प्राथमिकता होती है"
बात अगर बेरोजगारी कि जाए तो एक तरफ लोग नौकरी की तलाश में हैं
छोटी पर जरूरी है ये सावधानी
1. अपनी घबराहट को अपनी सकारात्मकता से ही दूर किया जा सकता है.
2. छोटे तथा स्पष्ट जवाब देने का प्रयास करें.
3. पूरे समय शांत और स्वाभाविक रहे.
4. अपने मोबाइल फ़ोन को साइलेंट मोड पर ही रखें और अगर बहुत ज़रूरी न हो तो फ़ोन का इस्तेमाल न करें
5. साक्षात्कार के अंत में अपनी जिम्मेदारी, कंपनी की अपेक्षाएं और वेतन संबंधी सवाल पूछ सकते है.
किसी भी मंजिल को पाने के लिए बस जरूरत है थोड़ी जागरूकता की और जोश की फिर देखिये कैसे आपके सपनों को पंख लगते हैं और आप उन्हें साकार करते हैं. जापानी कहावत है कि "सफलता आपके पास नहीं आती आपको सफलता के पास जाना पड़ता है"
खुद पर भरोसा करना ही जीत की पहली शर्त है. हमेशा सकारात्मक सोच रखने का प्रयास करें ये सच है कि सुधार की गुंजाइश सदैव रहती है. खुद को कभी किसी से कमतर ना समझें, याद रखें ईश्वेर ने हमें एक अद्भुत जीवन दिया है और उसे जीने के लिए अपार शक्तियां भी। जरूरत है तो खुद को पहचान ने की. सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती बस प्रयास सही दिशा मैं करें और अपने ऊपर भरोसा रखना जरूरी है
" कौन कहता है की आसमान में सुराख हो नहीं सकता. एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो"